ये बन गई चिंगारी

कुछ ऐसे कारण है जिन्हें मौजूदा रमन सरकार के लिए खतरा माना जा रहा है... नजर डालें...

अपने रसूख के सहारे मध्यप्रदेश में अपने ससुरालियों को खदानें दिलवाने के मामले में अब धुंआ उठने लगा है। विपक्ष हावि हो रहा है वहीं सत्ता पक्ष के कुछ निर्णय ऐसे हैं जो इस धुंए को और फैला रहे हैं।
2. वहीं आदिवासियों ने भी अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहीद वीरनारायण सिंह की जयंती में प्रदेश भर के आदिवासियों ने सरकार को उसके भूले-बिसरे वादे याद दिलाने अचानक रूपरेखा तैयार कर उसे सफल कर दिया। परेशानी यह है कि, जानकारी के मुताबिक भाजपा संगठन के आदिवासी नेता भी अपने समाज के साथ है। जिससे जुझने के लिए अब पार्टी को नये और बड़े निर्णय लेने की जरूरत होगी।
3. किसान वर्ग भी सरकार को लेकर नाराज दिख रहा है। किसान धान में बोनस न मिलने से काफी गुस्से में है। वे भी सरकार के खिलाफ कहीं हंगामा तो कहीं रैली निकाल कर प्रदर्शन कर रहे हैं। 270 रु के बोनस की मांग ले 2 रु किलो चांवल के प्रभाव को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। विपक्ष ने भी इस मामले को काफी गंभीरता से लेकर सत्ता पक्ष के खिलाफ रणनीति तैयार कर ली है। पिछले दिनों विपक्ष ने इसी मसले को लेकर सरकार को घेरा और जेल भरो आंदोलन किया। हालांकि ये आंदोलन भव्य स्तर को तो नहीं हो पाया पर कांग्रेस के इस प्रदर्शन को भाजपा संगठन नज़रअंदाज नहीं कर सकती।
4. भाजपा संगठन में अंदरूनी असंतुष्टों को फिर से अवसर मिल गया है। श्री सिंह की साख अभी भी बरकरार है पर दीवाल में अगर दरार आये तो उसकी उम्र घट जाती है। इस वक्त असंतुष्टी भी सामने आने लगी है। पिछले दिनों भाजपा का पर्चा कांड प्रकाश में आया था। जिसे लेकर संगठन में काफी हो हल्ला मचा था। विगत माह ही जुदेव सिंह ने भी अपने समर्थकों के साथ अधिकारियों के रवैये को अस्त्र की तरह इस्तेमाल कर अपनी गतिविधि दर्शाने और खुद को साबित करने की कोशिश की।
5. राज्य सरकार से अब कर्मचारी वर्ग का भी मोह भंग होने लगा है। जोगी के शासन में शिक्षाकर्मियों पर डंडे-लाठी चलाए गए थे। उसका खामियाजा कांग्रेस सरकार को भोगना पड़ा था। वहीं रमन सरकार ने शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को दबाने एस्मा का सहारा लिया। शिक्षाकर्मियों को जेल में डाल दिया गया। वहीं लगातार शासकीय कर्मचारी वर्ग अपनी असंतुष्टि जता रहे हैं। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को लेकर भी राज्य शासन के खिलाफ माहौल है।

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